बड़े पर्दे पर फिल्में देखने के शौकीन लोगों के लिए आज की तारीख में सबसे बड़ी समस्या टिकटों की महंगी कीमत हो गई है। मल्टीप्लेक्स के इस दौर में सिनेमा हॉल जाकर फ़िल्म देखने का खर्चा आजकल बड़े आराम से हजार रुपये पार कर जाता है। अगर आज की तारीख में चार लोगों के एक परिवार को थिएटर में फिल्म देखने जाना है तो बड़े आराम से उनका खर्च 7-8 हजार रुपये तक पहुंच जाता है।
इसका नतीजा यह हुआ कि आजकल लोग फिल्में देखने के लिए थिएटर जाना बहुत ही कम पसंद करने लगे हैं। OTT प्लेटफॉर्म ने तो लोगों की मुश्किलों को और भी ज्यादा आसान कर दिया है। लोग घर बैठ कर अब वेब सीरीज और फिल्मों का मजा लेने लगे हैं। हालांकि इसका नुकसान फिल्म निर्माताओं और मल्टीप्लेक्स के मालिकों को भी हो रहा है। मल्टीप्लेक्स के मालिकों को अब फिल्म दिखाने से ज्यादा पॉपकॉर्न जैसी खाने-पीने वाली चीजों को बेचने पर ज्यादा फोकस करना पड़ रहा है।
लेकिन अब इसे लेकर फिल्म इंडस्ट्री के अंदर से भी आवाज उठने लगी है। पिछले 37 वर्षों से अपनी शानदार फिल्मों के जरिए करोडों सिनेमाप्रेमियों का मनोरंजन करने वाले सलमान खान ने फिल्मों के टिकटों की कीमतों को कम करने का सुझाव दिया है।
सलमान खान ने कहा है कि टिकटों की कीमतें बिल्कुल कम होनी चाहिए। उन्होंने ‘जय हो’ के दौरान नॉर्मल टिकटों की कीमत को 650 रुपये से घटाकर 200 रुपये कर दिया था। सलमान खान ने साफ तौर पर यह भी कहा कि टिकटों की कीमतों में कैपिंग होनी चाहिए।
इसके साथ ही सलमान खान ने मल्टीप्लेक्स मालिकों के बेतहाशा खर्चें का भी जिक्र किया। हालांकि इंडस्ट्री के कई जानकर भी यह मानते हैं कि अगर फिल्मों के टिकटों की कीमत को कम कर दिया जाए तो इसका फायदा दर्शकों के साथ ही थिएटर मालिकों को भी होगा। टिकट की कीमत कम होगी तो ज्यादा लोग फिल्में देखने आएंगे और इससे खाने-पीने की चीजों की बिक्री में भी इजाफा होगा। इससे फिल्मों को भी फायदा होगा
लेकिन बड़ा सवाल तो यही है कि क्या मल्टीप्लेक्स के मालिक इंडस्ट्री के भाईजान की बात मानेंगे ?